fbpx

RACHANA SHARIR

रचना शारीर विज्ञान

प्राचीन काल की सुश्रुत संहिता , चरक संहिता , काश्यप संहिता , अष्टांग संग्रह एवं अष्टांग हृदय आदि सभी चिकित्सा ग्रन्थों में शरीर स्थान का वर्णन किया गया है ।
प्राचीन काल में शारीर विषयों में सुश्रुत शारीर सर्वश्रेष्ठ माना जाता था । यथा वाग्भटः सुश्रुत शारीर स्थान में शरीर की रचना के सम्बन्ध में सम्पूर्ण जानकारी दी गई है एवं शवच्छेदन ( Dissection ) का विस्तृत वर्णन किया गया है ।
शारीर विषय की उपयोगिता का वर्णन करने हुए आचार्य सुश्रुत ने लिखा है कि यदि कोई चिकित्सक आयुर्वेद चिकित्सा में निपुण होना चाहे , तो शारीर तथा शास्त्र दोनों में दक्ष होना चाहिए और दर्शन ( Practical or Dissection ) तथा अध्ययन के द्वारा अपनी शंकाओं को दूर करके उसके बाद चिकित्सा या शास्त्रक्रम करे ।

error: Content is protected !!