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पंच विधि कषाय कल्पना

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पंच विधि कषाय कल्पना


.स्वरस २.कल्क ३.श्रृत या क्वाथ ४.शीत या हिम ५. फाण्ट


• १.स्वरस

औषध द्रव्य को सिलबट्टे पर पीस कर कपड़े में रखकर या मशीन से निचोड़ कर जो रस निकलता है उसे स्वरस कहते हैं।


२.कल्क

कल्क दो प्रकार के होते हैं – सूखा और गीला सूखे को चूर्ण कहते हैं और गीले कल को चटनी की तरह बनाया जाता है जिसमें औषध द्रव्य किसी द्रव के साथ पीसा जाता है या गीले द्रव्य को सिलबट्टे पर या खरल में पीसकर महीम चटनी की तरह बना लिया जाता है या सूखे द्रव्य के चूर्ण को जल, दूध आदि द्रव्य पदार्थ डालकर पीस लिया जाता है तो उसे कल्क कहते हैं।

३. क्वाथ

2 तोला अर्थात 25 ग्राम औषध द्रव्य को 8 गुना अर्थात 400 ग्राम पानी में पकाया जाता है और चतुर्थांश अर्थात 100 ग्राम पानी बचने पर छान लिया जाता है यह क्वाथ है।


४. शीत

औषध द्रव्य को भूसे की तरह मोटा कूटकर 24 ग्राम की मात्रा में लेकर 6 गुना अर्थात 144 ml जल में रात भर या दिन भर भिगो दें और फिर मसलकर छान लें इसे ही शीत या हिम कषाय कहते हैं।


५.फाण्ट

औषध द्रव्य को मोटा भूसे की तरह कूटकर गर्म जल में डालकर थोड़ी देर ढक दें फिर मसलकर छानकर रस निकाल ले इस बात का ध्यान रखें कि जल में दवा का सारा भाग घुल जाए और उसका वर्ण, गंध भी जल में आ जाए तब उसे छानना चाहिए। उदाहरण के लिए आजकल चाय बनाने का ढंग फाण्ट की तरह ही है।

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