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NADI VIGYAN

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नाड़ी विज्ञान भाग – 2

• उत्तमांगीय मस्तुलुंग का वर्णन ( Brain )

मानव शरीर की करोटि गुहा ( Cranial cavity ) में स्थित धूसर वर्णयुक्त मेदोधातु द्वारा निर्मित स्निग्ध रचना को मस्तिष्क अथवा मस्तुलुङ्ग ( Brain ) कहते हैं । जो केन्द्रीय नाड़ी तन्त्र ( Central nervous system ) का एक भाग है ।

• Further sub – division

१. अग्रमस्तिष्क ( Fore brain )-

1. बृहद् मस्तिष्क ( Cerebrum )

2. आन्तर प्रमस्तिष्क ( Dien cephalon )

२. मध्य मस्तिष्क ( Mid brain ) –

1. मध्य मस्तिष्क ( Mid brain )

३. पश्च मस्तिष्क ( Hind brain ) –

1. सुषुम्ना शीर्ष ( Medulla – oblongata )

2. उष्णीषक ( Pons )

3 . लघु मस्तिष्क ( Cerebellum )

• षड्चक्र का वर्णन

• योग शास्त्र के अनुसार इड़ा , पिंगला और सुषुम्ना ये नाड़ियाँ प्राणवायु को धारण करती हैं । तथा शरीर में होने वाली सभी क्रियाओं को करती रहती हैं । इन्हीं नाड़ियों के सूत्रों से बने हुए छ : चक्र मध्य शरीर के अध : भाग से क्रमश : ऊपर शिर तक रहते हैं ।

• शरीर में प्राणवायु का संचार इन्हीं नाड़ियों में तथा चक्रों में होता रहता है । इन चक्रों के स्थानानुसार इनमें कुछ विशेष शक्तियाँ भी रहती हैं ।

 • योग शास्त्र में चक्रों की इन्हीं शक्तियों पर अधिकार प्राप्त करने की विधियाँ और उपायों का वर्णन किया गया है ।

 • रचना शारीर की दृष्टि से ये षट्चक्र स्वतन्त्र नाड़ी मण्डल ( Autonomic nervous system ) के सूत्रों से बने होते हैं । अत : मनुष्य की इच्छा के बिना ही स्वतन्त्रता से इनके कार्य होते रहते हैं । अपनी इच्छा पर ये अवलंबित नहीं होते । इन पर अधिकार पाने के लिए योग शास्त्र में वर्णित साधना प्राणायाम , योगासन आदि उपाय करने पड़ते हैं ।

• ये षट्चक्र निम्नानुसार अध : से ऊर्ध्व ओर होते हैं

१. मूलाधार चक्र- Pelvic plexus and coccygeum – गुद और मेढ़ के बीच में स्थित है।

२. स्वाधिष्ठान चक्र- Hypogastric – शिश्न के मूल में स्थित है।

३. मणिपूर चक्र- Solar plexus – नाभि मूल में स्थित है।

४. अनाहत चक्र- Cardiac plexus- हत् प्रदेश में स्थित है।

५. विशुद्ध चक्र Cervical or carotid plexus- कंठ प्रदेश में स्थित है।

६. आज्ञा चक्र – Cavernous plexus -भ्रूमध्य में स्थित है।

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