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Guggul Kalpana

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गुग्गुल कल्पना :  भाग 2

• योगराज गुग्गुलु :

 घटक द्रव्य :

1. चित्रकमूल – 1 भाग

2. पिप्पलीमूल- 1 भाग

3. यवानी – 1 भाग

4. कृष्ण जीरक- 1 भाग

5. विडङ्ग – 1 भाग

6. अजमोदा- 1 भाग

7. श्वेत जीरक – 1 भाग

8. देवदारु- 1 भाग

9. चव्य – 1 भाग

 10. सूक्ष्मैला 1 भाग

11. सैंधव लवण 1 भाग     

12. कुष्ठ 1 भाग

13. रास्ना – 1 भाग

14. गोक्षुर- 1 भाग

15. धनियाँ   – 1 भाग

16. हरीतकी – 1 भाग

17. बिभीतकी- 1 भाग

18. आमलकी – 1 भाग

19. मुस्ता – 1 भाग

20. शुण्ठी – 1 भाग

21. मरिच 1 भाग

22. पिप्पली 1 भाग

23. दालचीनी 1 भाग

24. उशीर 1 भाग

25. यवक्षार 1 भाग

26. तालीसपत्र 1 भाग

27. तेजपत्र 1 भाग

28. शुद्ध गुग्गुलु- 27 भाग

सहायक द्रव्य : – गोघृत यथावश्यक

 निर्माण विधि : -क्र . सं .1 से 27 तक की सभी औषधियों को पृथक् – पृथक् इमामदस्ते में डालकर कूटते हैं । फिर शुद्ध गुग्गुलु में सूक्ष्म चूर्ण मिलाकर अच्छी प्रकार से कूटते हुए थोडा – थोडा घी मिलाकर मुलायम किया जाता है । या शुद्ध गुग्गुलु में थोड़ा जल मिलाकर अग्नि पर पिघलाकर एवं गुग्गुलुपाक करके उसमें शेष द्रव्यों का चूर्ण मिलाकर थोड़ा घी के साथ कूटकर मुलायम करते हैं ।

फिर 1-1 ग्राम की गोलियाँ बनाकर छायाशुष्क करके काँच के जार में सुरक्षित रखें ।

मात्रा : -3 ग्राम

अनुपान : – रास्ना सप्तक क्वाथ , दशमूल क्वाथ या रोगानुसार ।

मुख्य उपयोग : – आमवात , आढ्यवात , कृमिरोग , दुष्टव्रण , गुल्म , प्लीहारोग , उदररोग , अर्श , समस्त वातव्याधि , सन्धिवात , मज्जागतवात ।

• सिंहनाद गुग्गुलु :

घटक द्रव्य :

1. हरीतकी 1 पल

2. बिभीतकी 1 पल

3. आमलकी 1 पल

4. शुद्ध गन्धक 1 पल

5. शुद्ध गुग्गुलु 1 पल

6. एरण्डतैल 4 पल

क्वाथार्थ जल : -576 मि . ली .

अवशिष्ट क्वाथ : – 144 मि . ली .

निर्माण विधि : – त्रिफला को यवकुट कर जल में उबालकर चतुर्थांश शेष रहने पर छान लें । फिर किसी लौह की कड़ाही में त्रिफला क्वाथ और शुद्ध गग्गुलु को मिलाकर उबालते है । जब गुग्गुलु त्रिफला क्वाथ में घुल जाये तब शुद्ध गन्धक और एरण्ड तैल को मिलाकर पकावें । हमेशा दर्वी से चलाते रहें । जब अच्छी तरह पाक हो जाये तब काँच के जार में सुरक्षित रखें । एरण्ड तैल की मात्रा ग्रन्थानुसार 4 पल मिलाने पर अर्धधन ( द्रव रूप ) रहता है , अतः वटी नहीं बनती है । एरण्ड तैल की मात्रा कम लेने पर ही वटी बनती है ।

 मात्रा : -3 ग्राम

अनुपान : -उष्ण जल

मुख्य उपयोग : आमवात , खञ्ज , पङ्गु , श्वास , पञ्चविध कास , कुष्ठ , वातरक्त , गुल्म , उदरशूल , त्रिदोषविकारनाशक ।

• कांचनार गुग्गुलु

घटक द्रव्यः

1. काञ्चनार त्वक् – 480 ग्राम

2. हरीतकी 96 ग्राम

3. बिभीतकी 96 ग्राम

4. आमलकी – 96 ग्राम

5. शुण्ठी 48 ग्राम 

6. मरिच 48 ग्राम

7. पिप्पली 48 ग्राम

8. वरुण 48 ग्राम

9. सूक्ष्मैला 12 ग्राम

10. दालचीनी 12 ग्राम

11. तेजपत्र 12 ग्राम

12. शुद्ध गुग्गुलु 996 ग्राम

•  निर्माण विधि : – क्र . सं . 1 से 11 तक की औषधियों का सूक्ष्म चूर्ण करके शुद्ध गुग्गुलु में मिलाकर अच्छी प्रकार से कूट लेते हैं । फिर थोडा – थोडा घृत देकर मुलायम होने तक कूटकर अन्त में 1-1 ग्राम की गोलियाँ बनाकर छाया शुष्क करके काँच पात्र में सुरक्षित रखें ।

मात्रा : -3 ग्राम

अनुपान : – उष्णजल , हरीतकी क्वाथ , खदिरसार क्वाथ , मुण्डी क्वाथ ।

 मुख्य उपयोग : – गण्डमाला , अपची , अर्बुद , ग्रन्थि , गुल्म , कुष्ठ , भगन्दर ।

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