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Developmental anatomy

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• अभिनिवृत्ति शारीर ( ( Developmental anatomy )

• अभिनिवृत्ति का अर्थ होता है- निष्पन्नता या पूर्ति ।

• अभिनिवृत्ति शारीर को दो भागों में विभाजित करते हैं ।
१. धातु भेद शारीर ( Componental anatomy )
२. गर्भावक्रान्ति शारीर ( Embryology )

• धातु भेद शारीर ( Componental anatomy )

• धातु- “ धारणात् धातवः । “
शरीर को धारण करने वाले एवं नित्य वृद्धि करने वाले सभी तत्वों को धातु कहते हैं ।

• पुरूष- ” पुरि शेते , पुरौ शेते , पुर्याम् शेते , इति पुरूषः । “
जो भौतिक शरीर में वास ( रहता है ) करता है , उसे पुरूष ( आत्मा ) कहते हैं ।
यह दो प्रकार का होता है ।
१. शुद्ध पुरूष ,
२. कर्म पुरूष

१. शुद्ध पुरूष – चेतनाधातुरप्येकः स्मृतः पुरूषसंज्ञकः । ( च.शा. १/१६ )
शुद्ध पुरूष केवल चेतना धातु से उत्पन्न होता है ।

२. कर्म पुरूष – पञ्चमहाभूत शरीरि समवायः पुरूष इति । स एष कर्मपुरूष : चिकित्साधिकृतः ।। ( सु.शा. १/१७ )

यह पंचमहाभूत और आत्मा इन छ : धातुओं का पुरूष है ।

धातु भेद से पुरुष का संगठन

१. एक धात्वात्मक पुरूष – चेतना

२. द्विधात्वात्मक पुरूष
( A ) ” अग्नि और सोम “
( B ) “क्षेत्र + क्षेत्रज = ( शरीर ) + ( आत्मा )

३. त्रिधात्वात्मक पुरूष

( A ) त्रिदण्डात्मक पुरूष – सत्त्व( मन) + आत्मा + शरीर

( B ) त्रिगुणात्मक पुरूष- सत्व + रज + तम

(C) त्रिदोषात्मक पुरूष- ” वात + पित + कफ

४. पंचधात्वात्मक पुरूष – पंचमहाभूत

५. षड्धात्वात्मक पुरूष – पंचमहाभूत + आत्मा

६. सप्तधात्वात्मक पुरूष – सात धातु

७. द्वादशधात्वात्मक पुरूष – मन + आत्मा + पांच ज्ञानेंद्रियां + पांच अर्थ
८. त्रयोदशधात्वात्मक पुरूष- तीन दोष+ सात धातु + 3 मल

९. सप्तदशधात्वात्मक पुरूष – आत्मा + दश इन्द्रियाँ + मन + पाँच अर्थ

१०. चतुर्विंशति धात्वात्मक पुरूष – ८ प्रकृति + १६ विकार

• कर्म पुरूष

षड्धात्वात्मक पुरूष को ही कर्म पुरूष कहते हैं ।

•चिकित्स्य पुरूष
इसी षड्धातुज पुरूष को ही चिकित्स्य पुरूष कहते है ।

पंचमहाभूत + आत्मा
षड्धातुज पुरूष = कर्म पुरूष = चिकित्स्य पुरूष

• राशि पुरूष
चतुर्विंशति पुरूष को राशि पुरूष कहते हैं ।

८ प्रकृति + १६ विकार

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