AYURVEDA KA PRAYOJAN

आयुर्वेद का प्रयोजन आयुर्वेद शास्त्र के दो प्रयोजन हैं –( 1 ) स्वस्थ मनुष्य के स्वास्थ्य की रक्षा करना तथा( 2 ) रोगी मनुष्य के रोग का निवारण करना । “प्रयोजनं चास्य ( आयुर्वेदस्य ) स्वस्थस्य स्वास्थ्यरक्षणमातुरस्य विकारप्रशमनं च ।” ( च ० सू ० 30/24 ) आयुर्वेद की परिभाषा “हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम् । … Read more

SARIROPAKRAMA

शारीरोपक्रम शारीरोपक्रम का अर्थ होता है- शरीर के सम्बन्ध में सम्पूर्ण विवरण । शरीर की व्याख्या ” शुक्र शोणितं जीव संयोगे तु खलु कुक्षिगते गर्भ संज्ञा भवति । “( च.शा. ४/५ ) पुरुष शुक्र ( spermatozoa ) और स्त्री शोणित ( ovum ) इनका स्त्री के गर्भाशय ( कुक्षि , uterus ) में संयोग होने … Read more