INDRIYA VIGYAN SHARIR

• परिचय • सम्पूर्ण शरीर के लिए विषयों का ग्रहण एवं परित्याग इन्द्रियों द्वारा ही होता है । • कोई भी कार्य करने वाला प्रत्यंग या किसी वस्तु का सार भाग प्राप्त करने वाला प्रत्यंग ही इन्द्रिय कहा जाता है । •  इन्द्रिय शब्द की निरूक्ति ” इन्द्र आत्मा तस्य साधनं इन्द्रियम् । “ • … Read more

MARMA SHARIR

• त्रिमर्मों की प्रमुखता त्रिमर्म ( A ) हृदय ( B ) वस्ति ( C ) शिर • शरीर में जो १०७ मर्म कहे गये हैं । उनमें से हृदय , शिर और वस्ति ये तीन प्रधान मर्म माने जाते हैं । क्योंकि इनमें प्राण आश्रय कर रहते हैं । ( A ) ( १ … Read more

MARMA SHARIR

• मर्म की व्याख्या ( १ ) ” मर्म मारयन्ति इति मर्माणि । ” ( डल्हण ) • मर्म वह है , जिस पर आघात होने से मृत्यु हो जाती है । ( २ ) ” अपि च मरण कारित्वात् मर्म , मरणवत् दुःखदायित्वात् वा इति । ” ( अरूणदत ) • मर्म वह है … Read more