Kshar Kalpana

“तत्र क्षरणात् क्षणनाद्वा क्षारः ।” ( सु . सू 11/4 ) अर्थात् क्षरणकर्म या क्षणनकर्म करने वाले द्रव्य को क्षार कहा जाता है । दूषित मांस आदि को काटने ( क्षरण ) के कारण अथवा त्वचा , मांस आदि का विनाश ( क्षणन – हिंसा ) करने के कारण क्षार कहलाता है । • भेदः- … Read more

Mashi Kalpana Evam Lavan Kalpana

• मसी कल्पनाः मसी का अर्थ होता है स्याही । स्याह वर्ण की होने के कारण इसको मसी कहते हैं । जाङ्गम एवं औद्भिद् द्रव्यों को जलाकर कृष्णवर्ण या स्याह वर्ण बना लेने को मसी कहते हैं ।  द्रव्यों को शरावसम्पुट या घटसम्पुट में बन्द करके अन्तर्धूम पाक करने से कृष्ण वर्ण ( कोयले जैसी … Read more

Varti Kalpana

वर्ति कल्पना वटी कल्पना के अन्तर्गत आती है । वर्ति प्रायः दोनों किनारों पर पतली और बीच में थोड़ी मोटी यवाकृति ( जौ के समान आकृति ) के समान होती है ।  कभी – कभी एक समान लम्बी आकृति की गोलाकर भी होती है । इन वर्तियों के प्रयोग से वात का अनुलोमन तथा सञ्चित … Read more