KSHAR AGANI KARMA

• क्षार की श्रेष्ठता-  सभी शस्र और अनुशत्रों में क्षार ( Alkali ) श्रेष्ठ होता है यह छेदन ( Excision ) और भेदन ( Incision ) आदि बहुत सारे कार्यों को करता है । विषय स्थानों पर जहां शस्त्र कठिनाई से चलाया ( अवचार्य ) जा सकता है और जो रोग शस्त्र से सिद्ध नहीं … Read more

SHASTRA KARMA VIDHI

• व्रण का प्रक्षालन-  तीसरे दिन ( अहि ) पुन : पूर्ववत् व्रणकर्म ( कषाय से व्रण को धोकर पट्टी बदलना ) करना चाहिये । प्रक्षालनादि कार्य को दूसरे दिन नहीं करते हैं , क्योंकि इससे ( जल्दी होने के कारण व्रण में तीव्र वेदना और ग्रन्थियां उत्पन्न होने के कारण व्रण देर से भरता … Read more

SHASTRA KARMA VIDHI

• शोथ की चिकित्सा- प्राय : व्रण पाक से उत्पन्न होता है और पाक से पहले शोथ ( Swelling ) होता है , अत : पहले शोथ की चिकित्सा करना चाहिये और इसे पाक ( पकने ) से बचाना चाहिये । इसके लिये अत्यन्त शीतल लेप ( Paste ) , शीतल सेक , रक्त मोक्षण … Read more