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 भेषज के प्रकार• चिकित्सा के प्रकार• चिकित्सा चतुष्पाद • भेषज के प्रकार-भेषज दो प्रकार की होती है- 1.स्वस्थस्योर्जस्करं –स्वस्थ व्यक्ति के उत्तम भाव को बढाने वाला । 2.आर्त्तस्य रोगनुत् –रोगाक्रान्त व्यक्ति के रोग को दूर करने वाला । • चिकित्सा के भेद 1.एकविध चिकित्साi .निदान परिवर्जन 2.द्विविध चिकित्सा – इसके निम्न भेद हैं i. शीतii. उष्ण i. संतर्पण … Read more

चिकित्सा भेद तथा चिकित्सा चतुष्पाद

• भेषज के प्रकार• चिकित्सा के प्रकार• चिकित्सा चतुष्पाद • भेषज के प्रकार-भेषज दो प्रकार की होती है- 1.स्वस्थस्योर्जस्करं –स्वस्थ व्यक्ति के उत्तम भाव को बढाने वाला । 2.आर्त्तस्य रोगनुत् –रोगाक्रान्त व्यक्ति के रोग को दूर करने वाला । • चिकित्सा के भेद 1.एकविध चिकित्साi .निदान परिवर्जन 2.द्विविध चिकित्सा – इसके निम्न भेद हैं i. … Read more

यंत्र वर्णन

यंत्र–— तत्र , मनःशरीराबाधकराणि शल्यानि , तेषामाहरणोपायो यन्त्राणि ।। सु.सू ७/४ ।।मन और शरीर को बाधा ( दुःख ) पहुँचाने वाले भावों को शल्य तथा इनको निकालने के उपकरणों या उपायों का नाम ‘ यन्त्र ‘ है ॥ संख्या–यन्त्रशतमेकोत्तरम् , अत्र हस्तमेव प्रधानतमं यन्त्राणामवगच्छ । यन्त्राणामप्रवृत्तिरेव , तदधीनत्वाद् यन्त्रकर्मणाम् ।।सु. सू ७/३ ।।यन्त्र एक सौ … Read more