fbpx

ANYASWAROOP VIGYANIYA

by

अन्यस्वरूपविज्ञानीय – भाग 2

• शिम्बी धान्य के सामान्य गुण-

मूंग ( Eng.- Green gram , L.N.- Phaseolus aureus Roxb . ) , आढकी ( अरहर Eng : – Pigeon pea , L.N.- Cajanus indicus Spreng . ) और मसूर ( Eng.- Lentil , L.N.- Ervum Lens Linn . ) आदि शिम्बी धान्य है ये विबन्ध ( Constipation ) करने वाले होते है । ये कषाय ( Astringent ) , मधुर , संग्राही , विपाक में कटु , शीतवीर्य और लघु ( Light ) होता है । मेद – कफ – रक्त और पित्त में हितकारक तथा प्रदेह और परिषेक में उपयोगी होता है ।

• मूंग ( Eng.- Green gram , L.N.- Phaseolus aureus Roxb . ) के गुण-

मूंग ( शिम्बी धान्यों में ) श्रेष्ठ है , यह कुछ वातकारक होता है , मटर ( Eng : – Pea , L.N.- Pisum sativum Linn . ) अत्यन्त वातकारक होता है । राजमाष ( Eng . – Chinese Bean , L.N.- Vigna catiang Walp ) वातकारक , रूक्ष , बहुत अधिक मात्रा में मल लाने वाला और गुरु होता है ।

• कुल्थी ( Eng.- Horse – gram , L.N.- Dolichos biflorus Linn . ) के गुण-

यह उष्ण , विपाक में अम्ल ( Acidic ) , शुक्र , अश्मरी ( Stones ) , श्वास ( Dyspnoea ) , पीनस ( Catarrh ) , कास ( Cough ) , अर्श ( Piles ) और कफ तथा वात को नष्ट करने वाला और अत्यन्त पित्तरक्त कारक होता है ।

• निष्पाव ( Eng.- Bean , L.N.- Dolichos lablab Linn . ) के गुण-

यह वात , पित्त , रक्त , स्तन्य ( Milk ) और मूत्र को बढ़ाने वाला , गुरु ( Heavy ) , सर ( रेचक- Mild laxative ) , विदाही ( दाह करने वाला ) , दृष्टि ( Vision ) – शुक्र ( Semen ) , कफ – शोफ ( Oedema ) और विष को नष्ट करने वाला है ।

• उड़द ( Eng.- Black gram , L.N.- Phaseolus mungo Linn . ) के गुण-

यह स्निग्ध , बल – कफ – मल और पित्त कारक ( बढ़ाने वाला ) , सर ( भेदक- Mild laxative ) , गुरु ( Heavy ) , उष्ण , वातनाशक , स्वादु ( मधुर ) और शुक्र ( Semen ) को बढ़ाने वाला तथा इसकी प्रवृत्ति करने वाला होता है । 

• काकाण्डोला ( बड़ी कौंच ) और आत्मगुप्ता ( Eng.- Cowitch , L.N.- Mucona prurita Hook ) के गुण-

इन दोनों फलों के गुण माष ( उड़द ) के समान होता है ।

• तिल ( Eng.- Sesame , L.N.- Sesamum indicum Linn . ) के गुण-

यह वीर्य में उष्ण , त्वचा ( skin ) के दोषों को नष्ट करने वाली , स्पर्श में शीतल , केशवर्द्धक , बलवर्धक , मूत्र को कम करने वाली , विपाक में कटु ( Bitter ) , मेधा ( बुद्धि ) को बढ़ाने वाली , अग्नि , कफ और पित्त को उत्पन्न करने वाली होती है ।

• उमा ( तीसी- Eng.- Common flax , L.N.- Linum usitatissimum Linn . ) और कुसुम्भ बीज ( Eng. Ceylon oak , L.N.- Schleichera oleosa oken . ) के गुण-

उमा ( अलसी या तीसी ) स्निग्ध , मधुर ( स्वादु ) , तिक्त Pungent ) , उष्ण , कफ – पित्तकारक , गुरु ( Heavy ) दृष्टि ( Vision ) और शुक्र नाशक तथा विपाक में कटु ( Bitter ) होता है , कुसुम्भ का बीज भी उमा के समान गुण वाला होता है ।

• माष ( उड़द ) सबसे अवर हीन गुण वाला है ( शिम्बी धान्यों में ) और शूक धान्यों में यवक ( जई ) सबसे हीन गुण वाला होता है ।

• नया और पुराना धान्य- नया धान्य अभिष्यन्दिकारक ( स्रोतों में कफ से अवरोध उत्पन्न करने वाला ) होता है , एक वर्ष पुराना धान्य लघु ( Light ) होता है । शिघ्र उगने वाला , तुषा रहित ( बिना छिलके वाला ) और युक्ति पूर्वक भुना हुआ ( भर्जितं ) धान्य ( भुंग आदि ) का सूप ( Juice ) लघु ( हल्का- Light ) होता हैं।

Leave a Comment

error: Content is protected !!